Fake Manure And Fertilizers: देशभर के किसान इन दिनों नकली उर्वरक और खाद की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव-गांव में बिना लाइसेंस नकली डीएपी, यूरिया और अन्य कीटनाशकों की बिक्री हो रही है। किसानों को इसकी जानकारी न होने के चलते वे इन्हें खरीद लेते हैं, जिससे उनकी फसलें खराब हो जाती हैं।
हाल ही में उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में नकली उर्वरकों की बड़ी खेप पकड़ी गई। यह किसानों के लिए खतरे की घंटी है।
हाल के मामले: नकली खाद फैक्ट्रियां उजागर
1. हाथरस में बड़ी खेप बरामद
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में कृषि विभाग ने सासनी क्षेत्र के गांव सांदलपुर में एक अवैध खाद फैक्ट्री पकड़ी। यहां बिना लाइसेंस डीएपी और यूरिया के 2000 से अधिक कट्टे बरामद किए गए।
- फैक्ट्री में यूरिया पाउडर बनाने के लिए मशीनें लगी थीं।
- बिना मार्का वाले कट्टे ट्रकों में लादकर केमिकल फैक्ट्रियों में भेजे जा रहे थे।
- मौके पर तीन ट्रक माल तैयार पाया गया।
2. गाजियाबाद: नकली डीएपी फैक्ट्री का पर्दाफाश
गाजियाबाद के लोनी में नकली डीएपी और पेस्टिसाइड बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई।
- यहां से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, और पंजाब तक सप्लाई की जाती थी।
- अलीगढ़ और बुलंदशहर में पकड़ी गई नकली डीएपी की खेप भी यहीं से भेजी गई थी।
कैसे करें नकली और असली खाद की पहचान?
किसानों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे उर्वरक खरीदने से पहले उसकी असली और नकली होने की जांच कर लें। यहां कुछ आसान तरीके दिए जा रहे हैं:
खाद का प्रकार | असली की पहचान | नकली की पहचान |
---|---|---|
डीएपी | दाने भूरे-काले और सख्त होते हैं। | तेज गंध आती है। |
यूरिया | सफेद, चमकदार दाने जो पानी में घुल जाते हैं। | पानी में पूरी तरह नहीं घुलता। |
पोटाश | दाने नम करने पर नहीं चिपकते। | दाने आपस में चिपक जाते हैं। |
जिंक सल्फेट | हल्के सफेद-पीले कण, डीएपी घोल में थक्का बनाते हैं। | मैग्नीशियम सल्फेट मिलावट होने पर थक्का नहीं बनता। |
असली खाद की जांच के आसान तरीके
- डीएपी:
- दानों को हाथ में लेकर तंबाकू की तरह चूना मिलाकर मलें। तेज गंध आए तो असली है।
- धीमी आंच पर गर्म करने पर दाने फूल जाते हैं।
- यूरिया:
- दाने तवे पर गर्म करने पर पिघलते हैं और अवशेष नहीं छोड़ते।
- पानी में घोलने पर ठंडक का एहसास होता है।
- सुपर फास्फेट:
- दाने सख्त होते हैं और गर्म करने पर नहीं फूलते।
- इसका रंग भूरा, काला, या बदामी होता है।
- पोटाश:
- पानी में घोलने पर लाल भाग ऊपर तैरता है।
- दाने नम होने पर चिपकते नहीं।
कृषि विभाग की चेतावनी और सुझाव
कृषि विभाग ने किसानों को नकली उर्वरक से बचाने के लिए कई उपाय सुझाए हैं:
- उर्वरक हमेशा अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें।
- पैकेट पर लिखे NPK (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम) की मात्रा जरूर जांचें।
- उर्वरकों का भंडारण खुली जगह पर न करें।
किसानों को कैसे जागरूक बनाएं?
नकली खाद और उर्वरकों के बढ़ते खतरे को देखते हुए किसानों को जागरूक करना बेहद जरूरी है।
- ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएं।
- किसानों को खाद की जांच करने के तरीके सिखाएं।
- नकली खाद बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
नकली उर्वरक और खाद का उपयोग न केवल किसानों की मेहनत पर पानी फेरता है, बल्कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होती है। सरकार और कृषि विभाग को सख्त कदम उठाने होंगे ताकि नकली उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। साथ ही, किसानों को भी सतर्क रहना होगा और केवल प्रमाणित उत्पाद ही खरीदने चाहिए।
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