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बैंक हड़ताल: फटाफट निपटा ले जरूरी काम; बैंकों में इन 2 दिन नहीं होगा कोई काम

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Banking News 15 March 2025: अगर आपने अगले कुछ दिनों में बैंक से जुड़े किसी काम की योजना बनाई है, तो इसे जल्द से जल्द निपटा लेना ही बेहतर होगा। क्योंकि 24 और 25 मार्च 2025 को देशभर के बैंकों में कामकाज ठप्प हो सकता है। दरअसल, बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियन फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) के इस फैसले से बैंकिंग गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है।

क्या हैं बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांगें?
यूएफबीयू ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुई बातचीत के बेनतीजा रहने के बाद हड़ताल का फैसला लिया है। बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांगों में 5-डेज बैंकिंग, सभी पदों पर भर्ती, और पब्लिक सेक्टर बैंकों में वर्कमेन और ऑफिसर डायरेक्टर के पदों को भरना शामिल है। इसके अलावा, वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के हालिया निर्देश को वापस लेने की मांग भी की जा रही है। यूनियन का कहना है कि इससे कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा को खतरा है।

कौन है यूएफबीयू और क्यों है यह हड़ताल?
यूएफबीयू नौ बैंक कर्मचारी यूनियनों का एक समूह है, जिसमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBI) और ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) जैसी प्रमुख यूनियनें शामिल हैं। इन सभी यूनियनों ने UFBU के बैनर तले 24 और 25 मार्च को हड़ताल का ऐलान किया है।

एनसीबीई के महासचिव एल. चंद्रशेखर का कहना है कि IBA के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल पाया है। बैंक कर्मचारी लंबे समय से 5 दिन की बैंकिंग की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि जब LIC जैसे सरकारी संस्थानों में 5 दिन कामकाज की नीति लागू हो सकती है, तो बैंकों में क्यों नहीं?

क्या होगा बैंकिंग सेवाओं पर असर?
अगर 24 और 25 मार्च को हड़ताल होती है, तो बैंकिंग गतिविधियों का प्रभावित होना तय है। हालांकि, कई बार आखिरी वक्त पर हड़ताल टल भी जाती है। ऐसे में यह संभव है कि IBA और UFBU के बीच कोई सहमति बन जाए और बैंककर्मी हड़ताल पर न जाएं।

क्या है यूएफबीयू की अन्य मांगें?
बैंक कर्मचारियों की अन्य मांगों में ग्रेच्युटी अधिनियम में संशोधन करके इसकी सीमा को 25 लाख रुपये तक बढ़ाना और इनकम टैक्स से छूट की मांग भी शामिल है। यूनियन वित्तीय सेवा विभाग के हस्तक्षेप के खिलाफ भी है, जो बैंक बोर्डों की स्वायत्तता को कमजोर कर सकता है।

बैंक हड़ताल: फटाफट निपटा ले जरूरी काम; बैंकों में इन 2 दिन नहीं होगा कोई काम

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