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Pending Compensation : 64 लाख किसानों को जल्द मिलेगा रुका हुआ मुआवजा, जानें पूरी डिटेल

महाराष्ट्र सरकार ने 64 लाख किसानों के लिए 2,555 करोड़ रुपये का बीमा मुआवजा जारी किया। जानें कैसे मिलेगा लंबित क्लेम और क्या करें किसान?

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Pending Compensation : महाराष्ट्र के किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है। प्रदेश सरकार ने लंबे समय से लंबित पड़े फसल बीमा मुआवजे को जारी करने का बड़ा फैसला लिया है। अब जल्द ही राज्य के 64 लाख से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में कुल 2,555 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। यह खबर विशेषकर उन किसानों के लिए राहत भरी है जो पिछले दो साल से प्राकृतिक आपदाओं और सरकारी प्रक्रियाओं के चक्कर में फंसे हुए थे।

क्या है पूरा मामला?

महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में 2,852 करोड़ रुपये की राशि बीमा कंपनियों को जारी कर दी है, जिसमें से 2,555 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। राज्य के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने बताया कि यह राशि खरीफ 2022, रबी 2022-23, खरीफ 2023 और रबी 2023-24 के लंबित मुआवजे के तौर पर दी जा रही है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा खरीफ 2024 का है, जिसके लिए 2,308 करोड़ रुपये अलग से जारी किए गए हैं।

क्यों देरी से मिल रहा था मुआवजा?

पिछले कुछ सालों में महाराष्ट्र के किसानों ने भीषण सूखा, ओलावृष्टि और असमय बारिश का सामना किया था। इस वजह से फसलें बर्बाद हो गईं और किसानों ने बीमा क्लेम किया, लेकिन सरकारी फंड की कमी के चलते बीमा कंपनियों ने प्रीमियम जारी करना बंद कर दिया था। नतीजा यह हुआ कि लाखों किसानों का पैसा लंबित हो गया और उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। अब सरकार ने इस गतिरोध को तोड़ते हुए फंड जारी कर दिया है, जिससे किसानों को उनका हक मिल सकेगा।

किसानों को कितना मिलेगा मुआवजा?

  • खरीफ 2022 और रबी 2022-23 → 2.87 करोड़ रुपये
  • खरीफ 2023 → 181 करोड़ रुपये
  • रबी 2023-24 → 63.14 करोड़ रुपये
  • खरीफ 2024 → 2,308 करोड़ रुपये

इस तरह, कुल 2,555 करोड़ रुपये की राशि अगले कुछ दिनों में किसानों के खातों में पहुंच जाएगी। यह राशि उन किसानों को मिलेगी जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और राज्य सरकार की अन्य बीमा योजनाओं के तहत आवेदन किया था।

क्या कहते हैं किसान?

नासिक के एक किसान रामदास पाटिल ने बताया कि उनकी खरीफ 2023 की सोयाबीन की फसल ओलावृष्टि में पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। वे पिछले एक साल से बीमा क्लेम का इंतजार कर रहे थे। अब जब यह राशि मिलने वाली है, तो वे अगली फसल के लिए बीज और खाद खरीद पाएंगे। इसी तरह, विदर्भ के कई किसानों ने बताया कि यह मुआवजा उनके लिए जीवनदायी साबित होगा, क्योंकि कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को तुरंत राहत की जरूरत थी।

अब क्या करें किसान?

अगर आप भी महाराष्ट्र के किसान हैं और आपने फसल बीमा का क्लेम किया था, तो अपने बैंक खाते की जांच करते रहें। सरकार ने यह राशि जल्द ट्रांसफर करने का वादा किया है, लेकिन अगर किसी को देरी होती है, तो वह अपने जिले के कृषि अधिकारी या तहसीलदार से संपर्क कर सकता है। इसके अलावा, e-Governance पोर्टल पर भी क्लेम स्टेटस चेक किया जा सकता है।

क्या यह पर्याप्त है?

हालांकि यह फैसला किसानों के लिए राहत भरा है, लेकिन अभी भी कई मामलों में क्लेम प्रोसेस धीमा है। कुछ किसानों का कहना है कि बीमा कंपनियां कागजी खानापूर्ति करके क्लेम रोक देती हैं। सरकार को इस पर भी नजर रखनी चाहिए ताकि भविष्य में किसानों को इतनी लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े।

Pending Compensation : 64 लाख किसानों को जल्द मिलेगा रुका हुआ मुआवजा, जानें पूरी डिटेल

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