बिहार सरकार ने प्रदेश में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक नलकूप योजना में बड़े बदलाव किए हैं। यह योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, जो अपने खेतों में सिंचाई की सुविधा को मजबूत करना चाहते हैं। सरकार ने इस योजना के नियमों में संशोधन कर इसे किसानों के लिए और आसान बना दिया है। अब केवल दो किसान मिलकर भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, जो पहले पांच किसानों की शर्त पर आधारित थी।
क्या है सामूहिक नलकूप योजना?
सामूहिक नलकूप योजना के तहत किसान अपने खेत में सरकारी अनुदान पर नलकूप (ट्यूबवेल) लगवा सकते हैं। यह योजना खासतौर पर उन इलाकों के लिए बनाई गई है जहां सिंचाई की सुविधाएं सीमित हैं। खगड़िया जैसे जिलों में जहां सिंचाई एक बड़ी चुनौती है, यह योजना किसानों को बड़ी राहत दे रही है।
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
बिहार के उद्यान विभाग ने सामूहिक नलकूप योजना के तहत सब्सिडी की दरें तय की हैं, जो किसानों के वर्ग के आधार पर अलग-अलग हैं।
किसानों का वर्ग | सब्सिडी (%) | अधिकतम राशि (₹) |
---|---|---|
सामान्य वर्ग | 50% | 36,000 |
अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) | 72% | 50,400 |
अनुसूचित जनजाति (ST) | 80% | 57,600 |
5 हॉर्सपावर की मोटर के साथ यह सब्सिडी नलकूप लगाने की लागत को काफी कम कर देती है, जिससे किसानों को कम निवेश में बेहतर सिंचाई की सुविधा मिलती है।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- योजना के तहत शामिल हर किसान के पास कम से कम 0.5 एकड़ खेत होना जरूरी है।
- योजना में लगाया जाने वाला नलकूप 8 हेक्टेयर तक खेत की सिंचाई कर सकता है।
- योजना का लाभ लेने के लिए कम से कम दो किसानों का समूह होना अनिवार्य है।
कैसे करें आवेदन?
सामूहिक नलकूप योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी:
- ऑनलाइन आवेदन:
- किसान horticulture.bihar.gov.in पर जाकर योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- वेबसाइट पर जाकर “नलकूप योजना” का विकल्प चुनें।
- फॉर्म भरकर सभी जरूरी जानकारी दर्ज करें और सबमिट करें।
- ऑफलाइन आवेदन:
- जो किसान ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे अपने जिले के उद्यान विभाग के सहायक निदेशक से संपर्क कर सकते हैं।
मखाना उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
बिहार सरकार मखाना उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। सामूहिक नलकूप योजना इनमें से एक है, जिसका उद्देश्य मखाना खेती में सिंचाई की समस्याओं को हल करना है। सरकार ने योजना को किसानों के लिए और सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक शर्तों को कम किया है।
मंडी रिपोर्ट: श्रीमाधोपुर मंडी
किसानों के लिए मंडी की ताजा जानकारी भी बेहद अहम है। श्रीमाधोपुर मंडी में विभिन्न फसलों का आवक और भाव इस प्रकार रहा:
- बाजरा: 600 क्विंटल, भाव ₹2450-2670 प्रति क्विंटल।
- ग्वार: 400 क्विंटल, भाव ₹4725-4790 प्रति क्विंटल।
- मूंगफली: 5000 बोरी, भाव ₹4200-9300 प्रति क्विंटल।
सामूहिक नलकूप योजना बिहार के किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इससे न केवल मखाना उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि अन्य फसलों की सिंचाई भी आसान होगी। सरकार की इस पहल से किसानों को कम निवेश में बेहतर उत्पादन का मौका मिलेगा।
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