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सर्दी में पशुओं की देखभाल कैसे करें: दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं को स्वस्थ रखने के बेहतरीन टिप्स

Cow and Buffalo Milk Production Tips for winter
Cow and Buffalo Milk Production Tips for winter

सर्दियों के मौसम में पशुपालन करने वाले लोगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ठंड का सीधा असर न केवल पशुओं के स्वास्थ्य पर पड़ता है, बल्कि उनके दूध उत्पादन में भी गिरावट आ सकती है। ऐसे में पशुपालकों को अपने पशुओं की विशेष देखभाल करनी चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि सर्दी में पशुओं को ठंड से कैसे बचाएं और उनके दूध उत्पादन को कैसे बनाए रखें।


पशुओं को खुले में न बांधें

सर्दियों में ठंडी हवा और ठंडक से बचाने के लिए पशुओं को रात और सुबह के समय खुले में न बांधें। पशुओं के लिए ऐसी जगह का चुनाव करें, जहां ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम हों। यह सुनिश्चित करें कि उस स्थान पर दरवाजे, खिड़कियां, या अन्य कोई खुली जगह न हो, जिससे ठंडी हवा अंदर आ सके। अगर ऐसी जगह हो, तो उसे ढकने का तुरंत इंतजाम करें।


पशुओं के लिए बिछावन का करें इंतजाम

जब तापमान 15 डिग्री सेल्सियस या उससे कम हो, तो पशुओं के नीचे पराली या बिछावन का उपयोग करें। यह पशुओं को जमीन की ठंडक से बचाने में मदद करता है और उन्हें आरामदायक माहौल प्रदान करता है। इससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और ठंड से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।


गर्म पानी का सेवन करवाएं

ठंडे मौसम में ठंडा पानी पशुओं के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। हमेशा सुनिश्चित करें कि उन्हें ताजा और हल्का गुनगुना पानी पिलाया जाए। रातभर रखा ठंडा पानी पिलाने से बचें, क्योंकि यह उनके हृदय और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। गुनगुना पानी न केवल उनके शरीर को गर्म रखता है, बल्कि पाचन तंत्र को भी दुरुस्त करता है।


दूध देने वाले पशुओं के लिए खास आहार

दूध देने वाली गायों और भैंसों को सर्दियों में पौष्टिक आहार देना बेहद जरूरी है।

  • शतावरी पाउडर: गायों को 30-40 ग्राम और भैंसों को 40-50 ग्राम शतावरी पाउडर उनके आहार में मिलाकर दें।
  • मेथी दाना: हर तीन दिन में 30-40 ग्राम मेथी दाना भिगोकर या पाउडर बनाकर खिलाएं।
  • गुड़: हर तीन दिन में 250 ग्राम गुड़ देना फायदेमंद होता है।
  • अनाज: आधा से पौना किलो तक राशन देना चाहिए।
    इनसे न केवल दूध उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि पशुओं की सेहत भी बेहतर रहती है।

पेट की गैस और अफारे का इलाज

बरसीम के अधिक सेवन से पशुओं के पेट में गैस या अफारे की समस्या हो सकती है। इसे रोकने के लिए 20% बरसीम और 80% भूसा मिलाकर खिलाएं।

  • घरेलू उपचार: 50-60 एमएल तारपीन का तेल, 10 ग्राम हींग, और आधा किलो सरसों या अलसी के तेल को मिलाकर पशुओं को दें।
    यह मिश्रण पेट की गैस और अफारे से राहत दिलाने में मदद करता है।

बछड़ों को दूध का सही तापमान दें

अगर आप बछड़े को हाथ से दूध पिलाते हैं, तो इसका तापमान 37-40 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। सही तापमान का दूध बछड़े की पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है और उसे स्वस्थ बनाए रखता है।


सर्दी में पशुओं की बीमारियों से बचाव

सर्दियों में पशुओं को निम्नलिखित बीमारियों से बचाने के लिए सावधानी बरतें:

  • निमोनिया: ठंड से बचाने के लिए पशुओं को ढके हुए स्थान पर रखें।
  • खुरपका-मुंहपका: यह वायरस ठंड में सक्रिय होता है। समय पर टीकाकरण कराएं।
  • स्किन डिजीज: ठंड के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। पशुओं को साफ रखें और उनकी त्वचा पर नारियल तेल लगाएं।

सर्दियों में दूध उत्पादन बढ़ाने के सुझाव

  • पशुओं को रोजाना धूप में कुछ समय के लिए रखें।
  • हरे चारे की मात्रा बढ़ाएं और उसमें प्रोटीन युक्त तत्व शामिल करें।
  • साफ-सफाई और नियमित व्यायाम का ध्यान रखें।

सर्दियों में पशुपालन से जुड़ी समस्याओं का समाधान

समस्या समाधान
ठंड से बचाव गर्म बिछावन और बंद स्थान में बांधना
पानी का तापमान गुनगुना और ताजा पानी देना
दूध उत्पादन में गिरावट पौष्टिक आहार और गुड़ का सेवन करवाना
गैस और अफारा हींग और तेल का घरेलू नुस्खा अपनाना

सर्दियों में पशुपालन के लिए सही देखभाल और आहार बेहद जरूरी है। ठंड से बचाने के उपाय और पौष्टिक आहार से न केवल दूध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सकता है, बल्कि पशुओं को स्वस्थ भी रखा जा सकता है।

सर्दी में पशुओं की देखभाल कैसे करें: दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं को स्वस्थ रखने के बेहतरीन टिप्स

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