1. News
  2. फसल की जानकारी
  3. गेहूं की फसल पर मौसम की मार; तापमान बढ़ने से किसानों की बढ़ी चिंता, बारिश बनी उम्मीद

गेहूं की फसल पर मौसम की मार; तापमान बढ़ने से किसानों की बढ़ी चिंता, बारिश बनी उम्मीद

Wheat crop
Wheat crop

हरियाणा में इन दिनों मौसम (weather) किसानों के लिए किसी पहेली से कम नहीं है। जींद जिले में तापमान (temperature) सामान्य से ऊपर चला गया है, जिससे किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। शुक्रवार को जींद का अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज होने की संभावना है। यह तापमान गेहूं की फसल (wheat crop) के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है। किसान भाई अपने खेतों में हर पल नजर रख रहे हैं कि कहीं बढ़ा हुआ तापमान उनकी मेहनत पर पानी न फेर दे।

गेहूं को चाहिए ठंडी हवा और कम तापमान
जनवरी और फरवरी गेहूं की फसल के लिए सबसे जरूरी (premium season) समय माना जाता है। इस दौरान ठंडी हवाएं (cold winds) और कम तापमान फसल को बेहतर गुणवत्ता का बनाते हैं। लेकिन इस बार तापमान में हुई असामान्य वृद्धि ने गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने का खतरा पैदा कर दिया है।

गेहूं की फसल और तापमान: स्थिति पर एक नजर

क्षेत्र अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान स्थिति
जींद 18°C 8°C सामान्य से अधिक, चिंताजनक
कुरुक्षेत्र 17°C 7°C हल्की चिंता
पानीपत 19°C 9°C अस्थिर मौसम, जोखिम की संभावना

कृषि विशेषज्ञ यशपाल मलिक का कहना है, “अगर यह स्थिति केवल 4-5 दिनों तक रहती है तो फसल पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन यदि तापमान 10-15 दिनों तक ऊंचा रहा तो गेहूं की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।”

किसानों के लिए सुझाव: सिंचाई और उर्वरकों का सही इस्तेमाल करें
तापमान में बदलाव के बीच कृषि विशेषज्ञ और विभाग किसानों को सही सलाह दे रहे हैं। किसानों को निम्नलिखित बातों पर ध्यान देने की जरूरत है:

  1. सिंचाई पर ध्यान दें: जरूरत से ज्यादा पानी (over-irrigation) देने से बचें। यह फसल को कमजोर बना सकता है।
  2. यूरिया का नियंत्रित इस्तेमाल: ज्यादा यूरिया डालने से तेला और चेपा जैसे कीट फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  3. फसल पर नजर रखें: किसी भी बीमारी या कीट प्रकोप का तुरंत इलाज करें।

बारिश बनी उम्मीद की किरण
मौसम विभाग के अनुसार, 29 जनवरी को जींद और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश (light rain) की संभावना है। यह बारिश गेहूं की फसल के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश का कहना है, “अगर बारिश हो जाती है, तो यह फसल को बढ़े हुए तापमान के असर से बचा सकती है।”

गेहूं की फसल के लिए टिप्स और सावधानियां

समस्या समाधान
तापमान में वृद्धि फसल को हल्की सिंचाई दें और नमी बनाए रखें।
कीट प्रकोप कीटनाशकों का संतुलित इस्तेमाल करें।
जरूरत से ज्यादा सिंचाई पानी की मात्रा नियंत्रित रखें।

किसानों की चिंता और उम्मीदें
किसानों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर तापमान लंबे समय तक बढ़ा रहा, तो उनकी फसल समय से पहले पक सकती है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है। लेकिन 29 जनवरी की संभावित बारिश उनकी इस चिंता को कम कर सकती है।

हरियाणा में मौजूदा मौसम किसानों के लिए चुनौती बनकर आया है। तापमान में मामूली वृद्धि और बारिश की उम्मीद ने उन्हें एक बड़े फैसले के मोड़ पर ला खड़ा किया है। अगर मौसम समय रहते अनुकूल हो जाता है, तो गेहूं की फसल (wheat crop) बच सकती है। लेकिन इसके लिए किसानों को सही तकनीक और विशेषज्ञों की सलाह का पालन करना जरूरी है।

गेहूं की फसल पर मौसम की मार; तापमान बढ़ने से किसानों की बढ़ी चिंता, बारिश बनी उम्मीद

Comments are closed