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Haryana Railways: हरियाणा के इन जिलों और गांवों की चमकी किस्मत, रेल्वे करेगा जमीन अधिग्रहण

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Delhi-Ambal Railway Route, Four-Lane Railway: हरियाणा रेलवे (Haryana Railways) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली और अंबाला के बीच रेलवे मार्ग को फोरलेन (Four-Lane) में अपग्रेड करने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर (Railway Infrastructure) को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दिल्ली-अंबाला रेलवे मार्ग (Delhi-Ambal Railway Route) पर यात्री और माल परिवहन का दबाव लगातार बढ़ रहा है, और मौजूदा दो लाइन वाला सिस्टम इस दबाव को संभालने में असमर्थ हो गया है। इसलिए, रेल मंत्रालय ने इस मार्ग को चार लाइन (Four-Lane) में बदलने का फैसला लिया है।

इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली से अंबाला तक 193.6 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक को अपग्रेड किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट न केवल रेलवे नेटवर्क (Railway Network) को मजबूत करेगा, बल्कि यात्रियों को भी सुविधाजनक और तेज यात्रा का अनुभव देगा। इसके अलावा, इससे माल परिवहन (Freight Transport) की क्षमता भी बढ़ेगी, जो हरियाणा के व्यापार और उद्योग के लिए एक बड़ा लाभ साबित होगा।

दिल्ली और अंबाला के बीच का रेलवे मार्ग उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रूट्स में से एक है। यह मार्ग न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि माल परिवहन के लिए भी अहम है। वर्तमान में, इस मार्ग पर सिर्फ दो ट्रैक हैं, जो ट्रेनों की बढ़ती संख्या और यात्री लोड को संभालने में असमर्थ हैं। इस वजह से ट्रेनों की समयावधि में विलंब, क्षमता का दबाव, और यात्री सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो रही थीं।

रेल मंत्रालय ने इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग को फोरलेन बनाने का फैसला लिया है। इससे ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा और यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने में कुल 7,074 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा। परियोजना की कुल लंबाई 193.6 किलोमीटर है, और इसे पूरा करने में लगभग चार साल का समय लगने की संभावना है। इस परियोजना के तहत 32 रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य किया जाएगा, जिससे यात्री सुविधाओं में भी सुधार होगा।

परियोजना का विवरण डेटा
कुल लागत 7,074 करोड़ रुपये
कुल लंबाई 193.6 किलोमीटर
समयसीमा 4 साल
स्टेशनों का उन्नयन 32

इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण का कार्य भी शुरू किया जा चुका है। इसके लिए 15 गांवों से कुल 11 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इनमें समालखा डिवीजन के आठ गांव और पानीपत के सात गांव शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण के बाद प्रभावित गांवों के मालिकों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद दिल्ली और अंबाला के बीच रेल यात्रा में कई महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। सबसे पहले, ट्रेनों की स्पीड और संचालन में सुधार होगा, जिससे यात्रियों को समय पर यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, ट्रेनों की संख्या बढ़ने से अधिक यात्रियों को यात्रा करने का अवसर मिलेगा।

इस परियोजना से स्थानीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि इस मार्ग के जरिए माल ढुलाई का काम भी बढ़ेगा। माल ढुलाई के बढ़ने से स्थानीय व्यापार और उद्योग को भी लाभ होगा।

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