1. News
  2. बीज और पौध सामग्री
  3. तिलहन क्रांति: 2026 तक यूपी को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

तिलहन क्रांति: 2026 तक यूपी को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

Oilseed production in Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश में तिलहन उत्पादन के क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति देखी जा रही है। पिछले सात सालों में तिलहन की उपज दोगुने से अधिक बढ़ी है। वर्ष 2017-2018 में यह 13.62 मीट्रिक टन थी, जो 2023-2024 में बढ़कर 28.15 मीट्रिक टन तक पहुंच गई। 2024-2025 के आंकड़ों से और अधिक वृद्धि होने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का लक्ष्य 2026-2027 तक उत्तर प्रदेश को तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है।

तिलहन उत्पादन में बढ़ोतरी के कदम

योगी सरकार किसानों को बेहतर उपज के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई कदम उठा रही है। इनमें मिनी किट के रूप में मुफ्त बीज वितरण से लेकर तकनीकी जानकारी प्रदान करना और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद शामिल है।

वर्ष तिलहन उत्पादन (मीट्रिक टन)
2017-2018 13.62
2023-2024 28.15
2026 (लक्ष्य) 35.00+

किसानों को दी जा रही तकनीकी सहायता

  • मुफ्त बीज वितरण:
    2023-2024 में किसानों को 10,797.2 कुंतल बीज मुफ्त में दिए गए, जबकि इस वर्ष 11,315.6 कुंतल बीज वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • किसान पाठशालाएं:
    किसान पाठशालाओं में तिलहन की उन्नत खेती, रोग और कीट प्रतिरोधी प्रजातियों के उपयोग, फसल संरक्षण और भंडारण के तरीके सिखाए जा रहे हैं।
  • इंटरक्रॉपिंग तकनीक:
    दलहन और तिलहन को एक साथ उगाने के तरीकों से किसानों को अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

तिलहन की खेती के फायदे

तिलहन की खेती को पारंपरिक फसलों के मुकाबले अधिक लाभदायक बताया जा रहा है। सरसों की फसल काटने के बाद मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की खेती से किसानों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलता है। साथ ही, इन फसलों से मिट्टी में प्राकृतिक नाइट्रोजन स्थिरीकरण होता है, जो खरीफ सीजन की फसलों के लिए फायदेमंद है।

सरकार की नई योजना और निवेश

तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने अगले चार साल में 114.58 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। इस पहल से तिलहनी फसलों के रकबे को 20.51 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 22.63 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है।

वर्ष खर्च (करोड़ रुपये) लक्ष्य (हेक्टेयर)
2023-2024 28.65 20.51
2026-2027 114.58 22.63

सीएम योगी की आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल

2022 में अपने दूसरे कार्यकाल के बाद सीएम योगी ने तिलहन और दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया था। अब सरकार ने प्रमाणित बीजों का आवंटन बढ़ाने और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक योजना लागू की है।

तिलहन उत्पादन बढ़ने का असर

उत्तर प्रदेश में तिलहन उत्पादन बढ़ने से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि राज्य के तेल आयात पर निर्भरता भी कम होगी। इस कदम से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कृषि क्षेत्र में नई क्रांति आएगी।

तिलहन क्रांति: 2026 तक यूपी को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

Comments are closed