Gold Rate Hike: सोने की कीमतों (Gold Rate Hike) में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने निवेशकों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोने का ग्राफ जिगजैग तरीके से ऊपर जा रहा है, और विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिलसिला आने वाले महीनों में भी जारी रह सकता है। जुलाई तक सोने की कीमतें 93 हजार रुपये प्रति तोला तक पहुंच सकती हैं, जबकि साल के अंत तक यह 1 लाख रुपये के करीब पहुंचने की संभावना है।
मार्केट की अस्थिरता का सोने पर प्रभाव
देश में शेयर बाजार (Share Market) में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिसके चलते निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं। इस वजह से सोने की मांग में तेजी आई है, और कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। गुरुवार को 10 ग्राम सोने का भाव 600 रुपये बढ़कर 88,905 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। 24 कैरेट सोने का भाव बड़े शहरों में 87,900 रुपये के आसपास पहुंच गया है, जबकि 22 कैरेट सोना 80,600 रुपये से अधिक पर ट्रेड कर रहा है। चांदी की कीमतें भी 97,900 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी हैं।
वैश्विक कारणों से बढ़ रही सोने की कीमतें
सोने की कीमतों (Gold Price Prediction) में वृद्धि के पीछे वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और व्यापारिक तनाव प्रमुख कारण हैं। ट्रंप सरकार की टैरिफ नीति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में चुन रहे हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 3,200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है, जबकि फिलहाल यह 2,900 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है।
देश में सोने की कीमतों का अनुमान
दिल्ली के सर्राफा कारोबारी राहुल जैन के अनुसार, सोने की कीमतों में आगे और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। 1 जनवरी 2025 को सोने की कीमत 78,890 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो बढ़कर 24 फरवरी को 89,165 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। फिलहाल सोना 88,905 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल तक सोना 90 हजार रुपये और जून तक 92 हजार रुपये प्रति तोला पहुंच सकता है। जुलाई में यह 90 से 93 हजार रुपये के बीच ट्रेड कर सकता है, जबकि साल के अंत तक यह 1 लाख रुपये के करीब पहुंच सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
सोने की बढ़ती कीमतों (Gold Rate Prediction) को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक छोटी अवधि के लिए सोने में निवेश करने के बजाय लंबी अवधि के लिए निवेश की योजना बनाएं। सोना न केवल एक सुरक्षित निवेश है, बल्कि यह मुद्रास्फीति के दौर में भी मूल्य बनाए रखता है।
सोने की कीमतों में हो रही इस तेजी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सोना निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय और सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। हालांकि, निवेशकों को बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर ही निवेश करना चाहिए।
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