मेघदूत एग्रो, हरियाणा: हरियाणा सरकार ने फर्जी बीपीएल कार्ड धारकों (HARYANA FAKE BPL CARD FAMILIES) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसमें पिछले एक महीने में 1,609 परिवारों को गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की सूची से हटा दिया गया है।
सरकार ने सभी अयोग्य लाभार्थियों को 20 अप्रैल तक स्वेच्छा से BPL श्रेणी छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है, नहीं तो उनके खिलाफ धारा 420 के तहत फ्रॉड का केस दर्ज कर 2 साल तक की जेल की कार्रवाई होगी।
शिकायतों के मुताबिक, कई परिवारों ने कृत्रिम रूप से परिवार विभाजन कर या आय को कम दिखाकर BPL कार्ड बनवाए हैं, जबकि उनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक है।
सिरसा जिले में विशेष अभियान चलाकर 2.70 लाख BPL कार्डधारकों की जांच की जा रही है, जिसमें चार पहिया वाहन, कृषि योग्य जमीन या अन्य आय स्रोत रखने वालों को चिह्नित किया जा रहा है।
नागरिक सूचना विभाग द्वारा परिवार आईडी मैपिंग और वोटर कार्ड एडिटिंग के जरिए पेंशन धोखाधड़ी के मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।
जिला परिषद के सीईओ डॉ. सुभाष चंद्र ने पुष्टि की कि 20 अप्रैल के बाद अपात्रों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा, ताकि वास्तविक गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
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