Mukhyamantri Swamitva Yojana: हरियाणा सरकार ने स्थानीय निकायों की जमीन पर बनी दुकानों के किरायेदारों को मालिकाना हक देने वाली ‘मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना’ में बड़ा संशोधन करने का फैसला किया है। अब तक यह योजना केवल नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं की जमीन पर लागू होती थी, लेकिन अब अन्य सरकारी विभागों जैसे पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य और पर्यटन विभाग की जमीन पर बनी दुकानों के किरायेदारों को भी इसका लाभ मिलेगा। यह निर्णय रोहतक के विधायक भारत भूषण बतरा द्वारा विधानसभा में उठाए गए सवाल के बाद लिया गया, जहां उन्होंने बताया कि रोहतक में कई दुकानें ऐसी हैं जिनके मालिकाना हक के आवेदन सिर्फ इसलिए खारिज कर दिए गए क्योंकि वे जमीन अन्य विभागों के अधीन थी।
निकाय मंत्री विपुल गोयल ने इस मुद्दे पर स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से इस बारे में चर्चा हो चुकी है और जल्द ही नीति में बदलाव किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि रोहतक में शिवाजी मार्केट की 41, सुभाष रोड मार्केट की 50, कच्चा बेरी रोड की 53, गांधी कैंप मार्केट की 12 और सिविल रोड मार्केट की 9 दुकानें ऐसी हैं, जिनके मालिकाना हक का मामला अटका हुआ है। इनमें से अधिकतर दुकानें स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर बनी हुई हैं, जिसके कारण पहले के नियमों के तहत उन्हें स्वामित्व नहीं दिया जा सकता था।
हालांकि, विधायक बतरा ने पूर्व सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा कि इसमें स्पष्ट प्रावधान है कि 20 साल से अधिक समय से किराया दे रहे लोगों को मालिकाना हक दिया जा सकता है। इस पर मंत्री गोयल ने सहमति जताते हुए कहा कि सरकार इस मामले पर सकारात्मक रूप से विचार कर रही है और जल्द ही नए नियम बनाकर इन दुकानदारों को राहत दी जाएगी। यह फैसला हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा, जो सालों से किरायेदारी के बदले स्वामित्व की मांग कर रहे थे।
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