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हरियाणा रजिस्ट्री नियम में बड़ा बदलाव, अब जमीन रजिस्ट्री होगी पूरी तरह ऑनलाइन, जानें क्या हैं नए नियम

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Haryana Registry Rule Change: हरियाणा सरकार ने जमीन रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए इसे पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है। यह कदम न केवल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि आम लोगों के समय और पैसे की भी बचत करेगा। अब हरियाणावासियों को जमीन रजिस्ट्री के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने इसके लिए चार बड़े बदलाव किए हैं, जिनमें डिजिटल रजिस्ट्रेशन, आधार लिंकिंग, ऑनलाइन वेरिफिकेशन और एकीकृत डेटाबेस शामिल हैं।

डिजिटल रजिस्ट्रेशन: समय और पैसे की बचत
अब जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगी। यानी अब आपको कागजी दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्री दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डिजिटल रजिस्ट्रेशन के तहत सभी जरूरी दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा, जिससे गलतियों की संभावना भी कम होगी।

आधार लिंकिंग: जमीन विवादों पर लगेगी रोक
नए नियमों के तहत जमीन के मालिक का आधार कार्ड उसकी प्रॉपर्टी से जोड़ा जाएगा। यह कदम जमीन की खरीद और बिक्री को आसान बना देगा। आधार लिंकिंग से नकली दस्तावेजों पर रोक लगेगी और मालिक की पहचान की तत्काल पुष्टि हो सकेगी। इससे बेनामी संपत्तियों पर भी नियंत्रण होगा और जमीन विवादों में कमी आएगी।

ऑनलाइन वेरिफिकेशन: त्वरित और सटीक प्रक्रिया
2025 से, जमीन से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच ऑनलाइन की जाएगी। इससे प्रक्रिया न केवल तेज होगी, बल्कि मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। ऑनलाइन वेरिफिकेशन से जमीन के इतिहास, मालिकाना हक, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच कुछ ही क्लिक में की जा सकेगी।

एकीकृत डेटाबेस: सूचनाओं का आसान आदान-प्रदान
नए नियमों के तहत, देश भर की सभी जमीनों का रिकॉर्ड एक केंद्रीय डेटाबेस में रखा जाएगा। इससे जमीन संबंधी जानकारी प्राप्त करना आसान हो जाएगा। यह डेटाबेस राज्यों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को भी सुगम बनाएगा, जिससे भूमि प्रबंधन और नीति निर्माण में मदद मिलेगी।

बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण: धोखाधड़ी पर लगेगी रोक
2025 से, जमीन रजिस्ट्री के समय बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य हो जाएगा। इससे फर्जी रजिस्ट्री की संभावना लगभग शून्य हो जाएगी। बायोमेट्रिक सत्यापन से यह सुनिश्चित होगा कि जमीन की रजिस्ट्री वास्तविक मालिक द्वारा ही की जा रही है।

ई-स्टांप: पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित
पारंपरिक पेपर स्टांप की जगह अब इलेक्ट्रॉनिक स्टांप या ई-स्टांप का उपयोग किया जाएगा। यह न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि अधिक सुरक्षित भी है। ई-स्टांप से स्टांप पेपर की कमी या जाली स्टांप की समस्या से छुटकारा मिलेगा।

रियल-टाइम अपडेट: विवादों में कमी
नए सिस्टम में, जमीन के रिकॉर्ड में किए गए किसी भी बदलाव की जानकारी तुरंत अपडेट हो जाएगी। इससे जमीन संबंधी विवादों में कमी आएगी और खरीदारों और विक्रेताओं दोनों को लाभ होगा।

हरियाणा सरकार के इन नए नियमों से न केवल जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि यह भ्रष्टाचार को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने में भी मददगार साबित होगी। अगर आप भी जमीन खरीदने या बेचने की सोच रहे हैं, तो यह नियम आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे।

हरियाणा रजिस्ट्री नियम में बड़ा बदलाव, अब जमीन रजिस्ट्री होगी पूरी तरह ऑनलाइन, जानें क्या हैं नए नियम

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