हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) प्रमाणपत्र व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए इसे दो उप-श्रेणियों—SC और DSC (डीएसी)—में विभाजित कर दिया है।
इसके तहत सिकलीगर, बैरिया, मेघवाल, मजहबी सिख, खटीक, कोली, नट, बाजीगर समेत 40 से अधिक जातियों के लोगों को अब नया DSC प्रमाणपत्र बनवाना होगा, तभी वे राज्य की आरक्षण योजनाओं, नौकरियों और अन्य लाभों का पात्र होंगे।
सरकार के अनुसार, यह कदम समाज के वंचित तबकों को लक्षित लाभ पहुंचाने के लिए उठाया गया है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि यह “जातिगत विभाजन को बढ़ावा देने वाला” फैसला है।
अधिकारियों ने बताया कि पुराने SC प्रमाणपत्र अब केवल मूल SC श्रेणी (जैसे चमार, बाल्मीकि) वालों के लिए मान्य होंगे, जबकि DSC सर्टिफिकेट धारकों को अलग कोटा मिलेगा।
आवेदन प्रक्रिया शीघ्र ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शुरू होगी, जिसके लिए जाति प्रमाण, आधार कार्ड और निवास प्रमाण जमा करना होगा।
Comments are closed