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डीएपी संकट के बीच जटिल उर्वरकों की बिक्री में उछाल, उत्पादन में भी तेजी: किसानों के लिए बड़ी राहत

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डीएपी संकट के बीच जटिल उर्वरकों की बढ़ी मांग: किसानों को राहत

भारतीय किसान डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) संकट के बीच जटिल उर्वरकों (Complex Fertilizers) की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। अक्तूबर 2024 में जटिल उर्वरकों की बिक्री में 11% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस उछाल से न केवल उर्वरकों की घरेलू उत्पादन क्षमता में इजाफा हुआ है, बल्कि किसानों के लिए वैकल्पिक समाधान भी तैयार हुआ है। नवीनतम सरकारी आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं।


जटिल उर्वरकों की बिक्री और उत्पादन में बढ़ोतरी

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्तूबर अवधि में जटिल उर्वरकों का घरेलू उत्पादन 11% बढ़कर 62.55 लाख टन हो गया है। यह उर्वरक नाइट्रोजन (एन), फॉस्फोरस (पी), और पोटाश (के) का संयोजन प्रदान करता है, जो फसलों के संतुलित पोषण के लिए आवश्यक है।

उर्वरक प्रकार अप्रैल-अक्तूबर 2023 उत्पादन (लाख टन) अप्रैल-अक्तूबर 2024 उत्पादन (लाख टन) वृद्धि (%)
जटिल उर्वरक (Complex) 56.28 62.55 11%
सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) 29.65 31.76 7.2%
अमोनियम सल्फेट 3.55 4.05 14.1%

डीएपी संकट और यूरिया की स्थिति

डीएपी की कमी के बीच, इसके उत्पादन में 7.3% की गिरावट आई है, जो किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि, जटिल उर्वरकों और अन्य वैकल्पिक उर्वरकों की बढ़ती बिक्री से डीएपी पर निर्भरता कम हो रही है।

  • यूरिया: अप्रैल-अक्तूबर अवधि में इसका उत्पादन 1.2% घटकर 179.02 लाख टन रह गया।
  • डीएपी: उत्पादन 25.03 लाख टन पर सीमित हो गया, जिससे इसकी कीमतों में दबाव बढ़ गया है।

उर्वरकों की बिक्री में तेजी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में जटिल उर्वरकों की बिक्री 22.7% बढ़कर 90.87 लाख टन तक पहुंच गई।

उर्वरक प्रकार 2023 बिक्री (लाख टन) 2024 बिक्री (लाख टन) वृद्धि (%)
यूरिया 207.63 212.35 2.3%
म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP) 9.31 11.62 24.8%
जटिल उर्वरक (Complex) 74.03 90.87 22.7%

डीएपी और अन्य उर्वरकों की कीमतों का हाल

उर्वरकों की कीमतें किसानों की जेब पर असर डाल रही हैं।

उर्वरक अधिकतम खुदरा कीमत (₹/बैग) अक्टूबर 2024 आयात मूल्य (USD/टन) परिवर्तन (%)
डीएपी 1,350 642 +7.9%
यूरिया 267 369 -8.44%
म्यूरेट ऑफ पोटाश 1,500-1,550 283 -11.29%

फसल पोषण अनुपात में सुधार

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (2017) की वजह से किसानों में संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ी है। फसल पोषण अनुपात (एनपीके) जो 2019 में 8:4:1 था, अब घटकर 5:1.8:1 हो गया है। यह 4:2:1 के अनुशंसित स्तर के करीब है।

आईसीएआर (ICAR) के उप महानिदेशक एस के चौधरी का कहना है कि 90% कृषि भूमि में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस की कमी है, जबकि 50% भूमि में पोटाश की कमी देखी गई है।


सरकार का प्रयास: उर्वरक आयात में गिरावट

सरकार द्वारा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयासों के तहत, उर्वरकों का आयात अप्रैल-अक्तूबर अवधि में 24.2% घटकर 80.74 लाख टन रह गया है।

उर्वरक 2023 आयात (लाख टन) 2024 आयात (लाख टन) गिरावट (%)
यूरिया 37.94 24.76 -34.7%
डीएपी 39.2 27.84 -28.9%
जटिल उर्वरक 13.9 12.8 -7.9%

किसानों के लिए राहत या चुनौती?

डीएपी संकट और कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच जटिल उर्वरकों का उपयोग बढ़ना किसानों के लिए राहत की बात है। लेकिन, यूरिया और डीएपी पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार को दीर्घकालिक समाधान ढूंढने होंगे।

डीएपी संकट के बीच जटिल उर्वरकों की बिक्री में उछाल, उत्पादन में भी तेजी: किसानों के लिए बड़ी राहत

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