किसान भाई रबी सीजन में गेहूं की बुवाई के लिए खेतों की तैयारियों में जुट जाते हैं। लेकिन धान की कटाई के बाद उनका सबसे बड़ा संकट होता है खेतों में बची पराली की समस्या। पहले पराली को जलाना या उसे साफ करना किसानों के लिए एक जरूरी काम होता था, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी। अब इस समस्या का समाधान है, हैप्पी सीडर मशीन (Happy Seeder Machine), जो न केवल पराली को जलाए बिना बुवाई कर देती है, बल्कि समय, श्रम और लागत में भी भारी बचत कराती है।
हैप्पी सीडर मशीन का परिचय
हैप्पी सीडर मशीन एक ऐसी तकनीक है जो खेतों में धान की कटाई के बाद बची पराली पर सीधे बुवाई कर देती है। इसके द्वारा पराली को जलाने की जरूरत नहीं पड़ती और किसानों को खेत की सफाई करने की भी कोई आवश्यकता नहीं होती। इस मशीन से सीधे खेत में मिट्टी में चीरे लगाते हुए बुवाई की जाती है। इससे गेहूं की बुवाई समय पर होती है और फसल भी जल्दी तैयार होती है।
हैप्पी सीडर का कार्यप्रणाली
हैप्पी सीडर मशीन के द्वारा पराली के ऊपर से सीधे बुवाई की जाती है। इसमें सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह खेत में बचे हुए फसल अपशिष्ट (पराली) को नष्ट किए बिना बुवाई कर सकती है। इस प्रक्रिया से गेहूं की बुवाई बिना किसी देरी के होती है और उत्पादन में भी वृद्धि होती है। इसके अलावा, इस मशीन के प्रयोग से गेहूं की फसल में सिंचाई की जरूरत भी कम हो जाती है क्योंकि पराली मिट्टी में नमी बनाए रखने में मदद करती है।
हैप्पी सीडर मशीन के फायदे:
- पराली की समस्या का समाधान: किसानों को अब पराली जलाने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता।
- समय और श्रम की बचत: खेत की सफाई और बुवाई के लिए अलग-अलग काम करने की बजाय, एक ही मशीन से बुवाई हो जाती है, जिससे समय की बचत होती है।
- कम लागत में फसल की बुवाई: पराली पर बुवाई करने से खेत में नमी बनी रहती है, जिससे सिंचाई की जरूरत कम होती है।
- बेहतर पैदावार: हैप्पी सीडर से बुवाई करने से गेहूं की फसल जल्दी तैयार होती है, जिससे उत्पादन बढ़ता है।
हैप्पी सीडर और सुपर सीडर में अंतर
हालांकि हैप्पी सीडर और सुपर सीडर में कई समानताएँ हैं, लेकिन इन दोनों की कार्यप्रणाली में फर्क है। सुपर सीडर मशीन पराली को मिश्रित करते हुए बुवाई करती है, जबकि हैप्पी सीडर पराली को नष्ट किए बिना बुवाई करती है। सुपर सीडर मशीन को 55 एचपी से ऊपर के ट्रैक्टर की आवश्यकता होती है, जबकि हैप्पी सीडर 50 एचपी से ऊपर के ट्रैक्टर पर काम कर सकती है।
मशीन का नाम | कार्यप्रणाली | कीमत (लगभग) | ट्रैक्टर की शक्ति (HP) |
---|---|---|---|
हैप्पी सीडर | पराली पर सीधे बुवाई करती है, पराली को नष्ट किए बिना | 1.80 लाख से 2 लाख | 50 एचपी से ऊपर |
सुपर सीडर | पराली को मिश्रित करते हुए बुवाई करती है | 2.5 लाख से 3.5 लाख | 55 एचपी से ऊपर |
हैप्पी सीडर की कीमत और उपयोग
हैप्पी सीडर मशीन की कीमत लगभग 1.80 लाख से 2 लाख रुपये के बीच होती है, जो कि किसानों के लिए एक किफायती विकल्प है। इसकी मदद से किसान कम समय में अधिक फसल उगाकर अपनी पैदावार को बढ़ा सकते हैं। वहीं, सुपर सीडर की कीमत ढाई लाख से तीन लाख रुपये के बीच होती है।
हैप्पी सीडर मशीन के उपयोग से बचत
हैप्पी सीडर मशीन किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। इससे न केवल समय बचता है, बल्कि खेतों की सिंचाई में भी कम पानी की जरूरत होती है। इसके साथ ही, पराली के जलने से बचने के कारण पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं होता।
किसानों के लिए सलाह
हैप्पी सीडर मशीन का उपयोग करने से पहले किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग या डीलर से मशीन की विशेषताओं और उपयोग के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसानों को अपनी फसल की पैदावार को बढ़ाने और लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
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