Liquor Shop Closed : हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने नगर निकाय चुनावों (Urban Local Body Elections) के मद्देनजर एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 1, 2 और 12 मार्च को लिक्वर शॉप्स (Liquor Shops), बार और पब पूरी तरह बंद रहेंगे। यह कदम चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए उठाया गया है। सरकार का मानना है कि शराब की बिक्री पर रोक (Liquor Ban) से मतदान प्रक्रिया में किसी तरह का दबाव या अशांति नहीं होगी।
आबकारी विभाग (Excise Department) के आदेश के मुताबिक, चुनाव वाले इलाकों के 3 किलोमीटर के दायरे में शराब न तो बेची जाएगी और न ही परोसी जाएगी। यह नियम 1 मार्च से लेकर 12 मार्च तक लागू रहेगा। इस दौरान किसी भी लाइसेंसधारी दुकान, होटल या क्लब को शराब बेचने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई नियम तोड़ता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा शेड्यूल?
हरियाणा में 2 मार्च को 7 नगर निगमों (Municipal Corporations) और 40 अन्य निकायों में वोटिंग होगी, जबकि पानीपत नगर निगम में 9 मार्च को मतदान है। इन चुनावों के नतीजे 12 मार्च को घोषित किए जाएंगे। सरकार ने मतदान से एक दिन पहले, मतदान के दिन और मतगणना वाले दिन शराबबंदी का आदेश जारी किया है।
ड्राई-डे का पूरा शेड्यूल
तारीख | कार्यक्रम | प्रभावित क्षेत्र |
---|---|---|
1-2 मार्च | मतदान से पहले ड्राई-डे | 7 नगर निगम + 40 निकाय |
9 मार्च | पानीपत नगर निगम वोटिंग | पानीपत शहर |
12 मार्च | मतगणना ड्राई-डे | पानीपत सहित सभी क्षेत्र |
क्यों लागू किया गया ड्राई-डे?
चुनाव आयोग (Election Commission) का मानना है कि शराब की बिक्री पर रोक से वोटरों पर दबाव या रिश्वतखोरी (Bribery) रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा, यह कदम चुनावी हिंसा को कम करने और महिला मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी उठाया गया है।
क्या होगा अगर नियम तोड़ा गया?
आबकारी विभाग ने साफ किया है कि अगर कोई दुकानदार इन तीन दिनों में शराब बेचता या स्टॉक करता पाया गया, तो उसके खिलाफ आबकारी एक्ट (Excise Act) के तहत केस दर्ज किया जाएगा। साथ ही, लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
चुनावी क्षेत्रों में क्या बदलाव होंगे?
- लिक्वर शॉप्स बंद: चुनावी क्षेत्रों के 3 किलोमीटर के दायरे में सभी लिक्वर शॉप्स बंद रहेंगी।
- होटल और क्लब: होटल और क्लब में भी शराब परोसने पर पाबंदी होगी।
- सख्त निगरानी: आबकारी विभाग की टीमें निगरानी करेंगी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करेंगी।
क्या है चुनाव आयोग का मकसद?
चुनाव आयोग का मुख्य मकसद है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण हो। शराब की बिक्री पर रोक लगाकर, आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी पक्ष मतदाताओं को प्रभावित न कर सके। इसके अलावा, यह कदम महिला मतदाताओं की सुरक्षा और चुनावी हिंसा को रोकने के लिए भी उठाया गया है।
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