भारत की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी ने हरियाणा के खरखोडा में अपना तीसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की घोषणा कर दी है। यह कदम न केवल राज्य के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि कंपनी की प्रोडक्शन क्षमता को भी काफी बढ़ाएगा। इस प्रोजेक्ट को सरकारी मंजूरी मिल चुकी है, जिससे मारुति सुजुकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है।
फिलहाल, खरखोडा प्लांट की क्षमता 2.5 लाख वाहन प्रति वर्ष है। दूसरा प्लांट निर्माणाधीन है, और तीसरे प्लांट के शुरू होने के बाद 2029 तक मारुति की कुल प्रोडक्शन क्षमता 7.5 लाख यूनिट प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी। यह विस्तार कंपनी की भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में दबदबा बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है।
7,410 करोड़ रुपये का निवेश, रोजगार के अवसरों को बढ़ावा
इस विस्तार के लिए मारुति सुजुकी 7,410 करोड़ रुपये का भारी निवेश कर रही है, जो कंपनी की हरियाणा में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस निवेश से न सिर्फ प्रोडक्शन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। 2024 में मारुति द्वारा बनाई गई 20 लाख गाड़ियों में से 60% हरियाणा के प्लांट्स में तैयार हुईं, जबकि बाकी गुजरात के प्लांट्स से आईं। कंपनी ने यह भी बताया कि इनमें से एक बड़ी संख्या पॉपुलर मॉडल अर्टिगा की थी, जिसे मानेसर प्लांट में बनाया गया था।
ग्रीनफील्ड प्लांट की भी तैयारी
इसके अलावा, मारुति सुजुकी एक नए ग्रीनफील्ड प्लांट की योजना पर भी काम कर रही है, जिसकी क्षमता 10 लाख वाहन प्रति वर्ष होगी। इसके लिए जमीन का चयन किया जा रहा है, जो कंपनी के भविष्य के विस्तार को दिखाता है।
इस तरह, मारुति सुजुकी का यह नया कदम न केवल हरियाणा के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है, बल्कि भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को भी गति देगा।
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