नई दिल्ली। सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए यह खबर बेहद खास है। अब पानी की कमी वाले क्षेत्रों में भी सरसों की पैदावार को बढ़ाना संभव हो गया है। इसका श्रेय जाता है हाइड्रोजेल तकनीक को, जो एक विशेष कैप्सूल के रूप में किसानों की मदद कर रही है। यह तकनीक खेती में नई क्रांति ला रही है और किसानों को सूखे जैसी समस्याओं से राहत दिला रही है।
हाइड्रोजेल क्या है?
हाइड्रोजेल एक दानेदार कैप्सूल है, जिसे सरसों की बुवाई के समय मिट्टी में डाला जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह मिट्टी में मौजूद पानी को सोखकर स्टोर करता है और जरूरत के अनुसार धीरे-धीरे पौधों की जड़ों में पानी छोड़ता है।
विशेषताएं | हाइड्रोजेल की क्षमता |
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पानी सोखने की क्षमता | अपने वजन का 350 गुना पानी |
पानी छोड़ने का समय | नमी की कमी होने पर |
उपयोग में आसानी | सरसों की बुवाई के दौरान मिट्टी में मिलाना |
क्यों है हाइड्रोजेल जरूरी?
भारत में सरसों की खेती अधिकतर उन क्षेत्रों में की जाती है, जहां पानी की कमी एक बड़ी समस्या है। गर्मी बढ़ने या सिंचाई के अभाव में सरसों की पैदावार में 17% से 94% तक की गिरावट हो सकती है। ऐसे में हाइड्रोजेल का उपयोग किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है।
हाइड्रोजेल के फायदे
- पानी की बचत: सिंचाई की जरूरत कम हो जाती है।
- पैदावार में वृद्धि: पौधों को सही समय पर पानी मिलने से बेहतर उत्पादन।
- कमी वाले क्षेत्रों में लाभ: बारानी इलाकों में विशेष उपयोगी।
- आसान उपयोग: सामान्य बुवाई प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।
कितनी मात्रा में करें इस्तेमाल?
हाइड्रोजेल की मात्रा खेत की स्थिति और सिंचाई सुविधाओं पर निर्भर करती है।
क्षेत्र का प्रकार | हाइड्रोजेल की मात्रा (प्रति हेक्टेयर) |
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बारानी क्षेत्र | 5 किलो |
सामान्य सिंचाई क्षेत्र | 2.5 किलो |
सरसों की पैदावार पर हाइड्रोजेल का असर
हाइड्रोजेल के उपयोग से सरसों की फसल सूखे से सुरक्षित रहती है। यह पौधों की वृद्धि में सुधार करता है और दानों को परिपक्व बनाने में मदद करता है।
कैसे काम करता है हाइड्रोजेल?
- जब मिट्टी में नमी अधिक होती है, हाइड्रोजेल पानी को सोख लेता है।
- जैसे ही मिट्टी सूखती है, यह पानी धीरे-धीरे पौधों की जड़ों में छोड़ता है।
- यह प्रक्रिया फसल को समय पर पानी उपलब्ध कराकर बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करती है।
किसानों के लिए हाइड्रोजेल क्यों फायदेमंद?
- सिंचाई की चिंता से छुटकारा: बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं।
- कम लागत में ज्यादा फायदा: फसल की पैदावार बढ़ने से किसानों को अधिक मुनाफा।
- सूखे से सुरक्षा: जलवायु परिवर्तन के बीच भरोसेमंद विकल्प।
- सरलता से उपलब्ध: यह बाजार में आसानी से मिल जाता है और उपयोग करना बेहद सरल है।
सरकार की पहल और समर्थन
भारत सरकार किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए विशेष योजनाएं चला रही है। हाइड्रोजेल को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स की शुरुआत की जा रही है।
किसानों के लिए सुझाव
- समय पर खरीदारी करें: सरसों की बुवाई के समय इसे जरूर उपयोग करें।
- विशेषज्ञों से सलाह लें: हाइड्रोजेल का सही तरीके से उपयोग करने के लिए कृषि विभाग से संपर्क करें।
हाइड्रोजेल: किसानों की बदलती तकदीर
हाइड्रोजेल तकनीक ने सरसों की खेती में नए आयाम स्थापित किए हैं। यह न केवल पैदावार बढ़ा रही है, बल्कि पानी की कमी से जूझ रहे किसानों के लिए राहत का साधन बन रही है।
प्रश्न और उत्तर
प्रश्न 1: हाइड्रोजेल क्या है और यह कैसे काम करता है?
उत्तर: हाइड्रोजेल एक दानेदार कैप्सूल है, जो मिट्टी में पानी को सोखकर स्टोर करता है। जब मिट्टी में नमी की कमी होती है, तो यह पानी धीरे-धीरे पौधों की जड़ों में छोड़ता है।
प्रश्न 2: हाइड्रोजेल सरसों की खेती में क्यों फायदेमंद है?
उत्तर: हाइड्रोजेल सरसों की खेती में इसलिए फायदेमंद है क्योंकि यह पानी की कमी वाले क्षेत्रों में पौधों को सही समय पर नमी प्रदान करता है, जिससे फसल सूखे से बचती है और पैदावार में वृद्धि होती है।
प्रश्न 3: हाइड्रोजेल की पानी सोखने की क्षमता कितनी होती है?
उत्तर: हाइड्रोजेल अपने वजन का 350 गुना पानी सोखने की क्षमता रखता है।
प्रश्न 4: हाइड्रोजेल का उपयोग कैसे किया जाता है?
उत्तर: हाइड्रोजेल को सरसों की बुवाई के समय मिट्टी में मिलाया जाता है। बारानी क्षेत्रों में प्रति हेक्टेयर 5 किलो और सिंचाई वाले क्षेत्रों में 2.5 किलो हाइड्रोजेल का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 5: सरसों की फसल पर हाइड्रोजेल का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: हाइड्रोजेल पौधों को सूखे से बचाता है, उनकी वृद्धि में सुधार करता है और सरसों के दानों को बेहतर तरीके से परिपक्व बनाता है।
प्रश्न 6: किन क्षेत्रों में हाइड्रोजेल अधिक उपयोगी है?
उत्तर: हाइड्रोजेल उन क्षेत्रों में अधिक उपयोगी है जहां सिंचाई की सुविधा सीमित है या बार-बार सूखे की समस्या रहती है।
प्रश्न 7: हाइड्रोजेल का उपयोग करने से किसानों को क्या लाभ होता है?
उत्तर: हाइड्रोजेल के उपयोग से किसानों को सिंचाई की चिंता से राहत मिलती है, पैदावार बढ़ती है, और कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त होता है।
प्रश्न 8: क्या हाइड्रोजेल की खरीद और उपयोग करना आसान है?
उत्तर: हां, हाइड्रोजेल बाजार में आसानी से उपलब्ध है और इसे खेत में उपयोग करना बेहद आसान है।
प्रश्न 9: सरकार हाइड्रोजेल तकनीक को बढ़ावा देने के लिए क्या कर रही है?
उत्तर: सरकार किसानों को हाइड्रोजेल अपनाने के लिए सब्सिडी और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स चला रही है, जिससे अधिक किसान इस तकनीक का लाभ उठा सकें।
प्रश्न 10: हाइड्रोजेल का उपयोग किस अन्य फसलों में किया जा सकता है?
उत्तर: हाइड्रोजेल का उपयोग अन्य सूखा प्रभावित फसलों जैसे गेहूं, ज्वार, बाजरा, और दलहन फसलों में भी किया जा सकता है।
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