सरसों से जुडी खबर: सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए यह एक अहम जानकारी है। अगर आपने समय पर सरसों की बुवाई कर ली है, तो भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) पूसा के वैज्ञानिकों ने कुछ खास सुझाव दिए हैं, जो आपकी फसल को बेहतर बनाने और सरसों के दाने में तेल की मात्रा बढ़ाने में मदद करेंगे। आइए जानते हैं इस महत्वपूर्ण खबर के बारे में।
खेतों का मुआयना करना है जरूरी
वैज्ञानिकों का कहना है कि समय पर बोई गई सरसों की फसल में किसानों को नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करना चाहिए। अगर खेतों में खरपतवार दिखे, तो तुरंत नियंत्रण के उपाय करें। इसके लिए खरपतवारनाशक दवाओं का सही तरीके से उपयोग करें।
विरलीकरण करें
फसल में पौधों के बीच सही दूरी बनाए रखने के लिए विरलीकरण (thinning) का कार्य करें। इससे पौधों को पर्याप्त पोषण मिलेगा और उनकी वृद्धि बेहतर होगी।
कीट प्रबंधन पर ध्यान दें
इस वक्त सरसों की फसल में बगराडा कीट (painted bug) का हमला हो सकता है। यह फसल को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए इसकी नियमित निगरानी करें। अगर कीट दिखाई दे, तो कृषि विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए जैविक या रासायनिक उपाय अपनाएं।
तेल की मात्रा बढ़ाने के उपाय
अगर आप अपनी सरसों की फसल में तेल की मात्रा बढ़ाना चाहते हैं, तो कुछ खास उपाय जरूर अपनाएं:
- सल्फर खाद का उपयोग करें:
सरसों की फसल में सल्फर खाद डालने से तेल की मात्रा में बढ़ोतरी होती है। यह फसल के लिए बेहद फायदेमंद होता है। - नाइट्रोजन और बोरोन खाद:
नाइट्रोजन और बोरोन खाद का संतुलित उपयोग फसल को मजबूत बनाता है और दाने में तेल की गुणवत्ता बढ़ाता है। - पॉली4 पोषक तत्व का प्रयोग:
पॉली4 जैसे पोषक तत्व फसल की समग्र वृद्धि के साथ-साथ तेल की मात्रा को भी बेहतर बनाते हैं। - इनसेक्ट पॉलिनेटर्स (कीट परागण):
फसल में परागण के लिए मधुमक्खियों और अन्य परागण करने वाले कीटों का सहयोग लें। यह न केवल पैदावार बढ़ाता है बल्कि दाने में तेल की मात्रा को भी बेहतर बनाता है।
खेतों में इन बातों का भी रखें ध्यान
- सिंचाई का सही प्रबंधन:
सरसों की फसल को समय पर और संतुलित मात्रा में पानी दें। - खरपतवार नियंत्रण के उपाय:
सही समय पर खरपतवार हटाने से फसल को पर्याप्त पोषण मिलता है। - खेतों की साफ-सफाई:
खेतों में सूखी पत्तियां या बेकार पौधों को हटाएं। इससे कीट और रोग फैलने का खतरा कम होगा।
सरसों की खेती के लिए विशेषज्ञों की सलाह
वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि अगर वे इन उपायों का सही तरीके से पालन करेंगे, तो फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। साथ ही, सरसों के दाने में तेल की मात्रा भी अधिक होगी, जो बाजार में बेहतर दाम दिलाने में मदद करेगा।
किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी फसल की नियमित निगरानी करें और समय पर जरूरी उपाय अपनाएं। सरसों की खेती को लेकर किए गए ये छोटे-छोटे प्रयास आपकी मेहनत को बेकार नहीं जाने देंगे और आपकी फसल को बेहतर बनाएंगे।
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