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New Expressway: गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे से बदलेगा UP का इंफ्रास्ट्रक्चर, यात्रा का समय आधा हो जाएगा!

UP का सबसे लंबा New Expressway, गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड हाईवे, इस साल शुरू हो सकता है। 700 KM लंबे इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय 15 से घटकर 8 घंटे हो जाएगा। पूरी जानकारी यहां पढ़ें!

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New Expressway: उत्तर प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर अब नई ऊंचाइयों को छूने वाला है। भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाला गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे इस साल के अंत तक शुरू हो सकता है। यह New Expressway न सिर्फ पूर्वांचल और पश्चिमी UP को जोड़ेगा, बल्कि हरियाणा, पंजाब, बिहार और पश्चिम बंगाल तक की दूरी भी कम कर देगा। 700 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे UP का सबसे लंबा और सबसे महत्वाकांक्षी हाईवे प्रोजेक्ट बनने जा रहा है, जिसकी लागत करीब 35,000 करोड़ रुपये है।

किन शहरों को जोड़ेगा यह New Expressway?

इस New Expressway का रूट मैप काफी विस्तृत है। यह गोरखपुर से शुरू होकर शामली तक जाएगा और बीच में 22 जिलों और 37 तहसीलों से गुजरेगा। इनमें अयोध्या, लखनऊ, बाराबंकी, बस्ती, बहराइच, बरेली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर जैसे बड़े शहर शामिल हैं। साथ ही, यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और अंबाला-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी जुड़ेगा, जिससे पंजाब और उत्तराखंड तक का सफर आसान हो जाएगा।

यात्रा का समय आधा हो जाएगा!

फिलहाल, गोरखपुर से शामली तक का सफर करने में 15 घंटे से ज्यादा का समय लगता है, लेकिन इस New Expressway के बनने के बाद यह समय घटकर मात्र 8 घंटे रह जाएगा। यह न सिर्फ यात्रियों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि कारोबारियों के लिए भी ट्रांसपोर्टेशन का खर्च कम कर देगा। साथ ही, इस एक्सप्रेसवे पर हवाई पट्टी (Emergency Airstrip) भी बनाई जाएगी, जिसका इस्तेमाल आपातकाल और रक्षा उद्देश्यों के लिए किया जा सकेगा।

क्या होगा आर्थिक फायदा?

इस New Expressway से पूर्वी UP के साथ-साथ पश्चिमी UP, हरियाणा, पंजाब और पश्चिम बंगाल तक का कनेक्शन मजबूत होगा। इससे किसानों को अपनी फसलों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम होगी। साथ ही, इसके किनारे ग्रीन कॉरिडोर भी विकसित किया जाएगा, जिसमें हजारों पेड़ लगाए जाएंगे, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे।

कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट?

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पहले ही इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, पूरा एक्सप्रेसवे बनने में कम से कम 3-4 साल का समय लग सकता है। इस बीच, UP सरकार की कोशिश है कि गंगा एक्सप्रेसवे (जो 2024 के अंत तक पूरा होगा) के बाद इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू हो।

New Expressway: गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे से बदलेगा UP का इंफ्रास्ट्रक्चर, यात्रा का समय आधा हो जाएगा!

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