पशुपालन भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों परिवारों की आय का मुख्य स्रोत है। लेकिन पशुओं की बीमारी या अचानक मौत से पशुपालकों को भारी नुकसान होता है। खासतौर पर वे किसान, जिनके पास एक या दो पशु हैं, ऐसी स्थितियों में अधिक संकट का सामना करते हैं। गुजरात सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए “पशुधन बीमा सहायता योजना” की शुरुआत की है।
इस योजना के तहत, किसान मात्र 100 रुपये के प्रीमियम पर अपने पशुओं का बीमा करा सकते हैं। गुजरात सरकार ने इस पहल के लिए 24 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है, जिससे राज्य के हजारों पशुपालकों को लाभ मिलेगा।
क्या है पशुधन बीमा सहायता योजना?
यह योजना भारत सरकार की “राष्ट्रीय पशुधन मिशन” के तहत चलाई जा रही है। केंद्र सरकार पशुपालकों को बीमा प्रीमियम में सब्सिडी देती है। गुजरात सरकार ने इसमें अतिरिक्त सहायता प्रदान करते हुए प्रीमियम की शेष राशि भी माफ कर दी है। अब किसान केवल 100 रुपये प्रति पशु का प्रीमियम भरकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया
- पशुपालकों को i-खेदुत पोर्टल (https://ikhedut.gujarat.gov.in) पर आवेदन करना होगा।
- आवेदन की प्रक्रिया 14 नवंबर 2024 से शुरू हो चुकी है।
- आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 दिसंबर 2024 है।
- इस योजना के तहत, हर किसान एक से तीन गाय या भैंस का बीमा करवा सकता है।
- पहले चरण में, सरकार सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों के 50,000 पशुओं को कवर करेगी।
योजना की विशेषताएं | विवरण |
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योजना का नाम | पशुधन बीमा सहायता योजना |
लाभार्थी | गुजरात के पशुपालक |
प्रीमियम | 100 रुपये प्रति पशु |
बीमा कवरेज | एक से तीन पशु |
आवेदन पोर्टल | i-खेदुत पोर्टल |
आवेदन की तारीख | 14 नवंबर से 14 दिसंबर 2024 |
पहले चरण में कवर किए गए क्षेत्र | सौराष्ट्र और कच्छ |
योजना के लाभ
- पशुपालक बीमा का लाभ उठाकर बीमारी या दुर्घटना के कारण हुई पशु हानि की भरपाई कर सकते हैं।
- बीमा राशि से नए पशु खरीदने का अवसर मिलेगा।
- इससे छोटे और मझोले पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
पशुपालन मंत्री का बयान
गुजरात के पशुपालन मंत्री राघवजी पटेल ने इस योजना को पशुपालकों के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा, “यह योजना पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बीमा राशि प्राप्त कर किसान अपने व्यवसाय को बिना किसी बाधा के जारी रख सकते हैं।”
योजना से जुड़े अन्य तथ्य
- इस योजना के तहत गाय और भैंस को शामिल किया गया है।
- बीमा योजना पशुओं की मृत्यु, बीमारी, दुर्घटना, या प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले नुकसान को कवर करेगी।
- सरकार पशुपालकों को बीमा प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए विशेष हेल्पलाइन भी शुरू करेगी।
गुजरात सरकार की यह योजना पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और उनकी आय को स्थिर रखने में मदद करेगी। यह कदम न केवल राज्य में पशुधन संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। पशुपालकों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जिसे उन्हें किसी भी हालत में नहीं छोड़ना चाहिए।
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