1. News
  2. मंडी भाव और बाजार जानकारी
  3. सरसों के भाव में भयंकर तेजी; जानिए आज के ताजा सरसों मंडी भाव

सरसों के भाव में भयंकर तेजी; जानिए आज के ताजा सरसों मंडी भाव

featured

मेघदूत एग्रो : sarso ka bhav- इन दिनों सरसों के दाम (Sarso Ka Bhav) ने किसानों और व्यापारियों दोनों को ही हैरान कर दिया है। हर मंडी में सरसों के भाव (Mustard Price) आसमान छू रहे हैं और यह उछाल किसी को भी चौंका सकता है। किसानों के चेहरे पर मुस्कान है तो वहीं तेल मिल मालिकों और व्यापारियों को इस बढ़ोतरी ने झटका दिया है। आखिर क्या वजह है कि सरसों के दाम इतने तेजी से बढ़ रहे हैं? आइए जानते हैं पूरी कहानी।

हरदा मंडी में सरसों का ताजा भाव

हरदा मंडी में सरसों का न्यूनतम भाव ₹4100 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम भाव ₹5381 तक पहुंच गया है। मॉडल भाव ₹5212 पर टिका हुआ है। यहां सरसों के अलावा अन्य फसलों के भाव भी उछाल पर हैं।

फसल न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) अधिकतम भाव (₹/क्विंटल) मॉडल भाव (₹/क्विंटल)
गेहूं 2401 2779 2626
चना 3800 5414 5133
सोयाबीन 1400 3909 3790
मक्का 1786 2170 2042

मंदसौर मंडी में सरसों का जलवा

मंदसौर मंडी में भी सरसों ने अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां सरसों का न्यूनतम भाव ₹4701 और अधिकतम भाव ₹5576 प्रति क्विंटल रहा। मॉडल भाव ₹5150 पर स्थिर है।

फसल न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) अधिकतम भाव (₹/क्विंटल) मॉडल भाव (₹/क्विंटल)
मक्का 2180 2461 2320
उड़द 4699 6000 5350
चना 4570 5500 5050
लहसुन 5000 8500 6750

इंदौर मंडी में सरसों का उछाल

इंदौर मंडी में सरसों के भाव ₹5215 से ₹5300 प्रति क्विंटल के बीच रहे। यहां अन्य फसलों के भाव भी बढ़े हुए हैं।

फसल न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) अधिकतम भाव (₹/क्विंटल) मॉडल भाव (₹/क्विंटल)
सोयाबीन 3400 3990 3850
गेहूं 2750 3000 2811
डॉलर चना 7000 9800 8600
तुअर 5850 6815

क्यों बढ़ रहे हैं सरसों के दाम?

सरसों के दाम (Sarso Ka Bhav) में इस तेजी के पीछे कई कारण हैं:

  1. कम उत्पादन: इस साल कई इलाकों में सरसों की पैदावार (Production) कम हुई है, जिससे बाजार में सप्लाई (Supply) घट गई है।
  2. तेल कंपनियों की मांग: तेल कंपनियां (Oil Companies) ज्यादा स्टॉक खरीद रही हैं, जिससे दाम बढ़ रहे हैं।
  3. एक्सपोर्ट का असर: सरसों तेल (Mustard Oil) की डिमांड बढ़ने और निर्यात (Export) होने से भी दाम प्रभावित हुए हैं।
  4. मौसम का खेल: ज्यादा बारिश और बदलते मौसम ने भी उत्पादन को प्रभावित किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरसों की सप्लाई (Supply) में सुधार नहीं होता है तो दाम और बढ़ सकते हैं। किसानों को इसका फायदा मिल रहा है, लेकिन तेल मिल मालिकों और व्यापारियों को इस उछाल से नुकसान हो रहा है।

सरसों के भाव (Sarso Ka Bhav) में यह उछाल कब तक रहेगा, यह तो समय ही बताएगा। लेकिन अभी के लिए तो बाजार गरम है और सभी की नजरें सरसों पर टिकी हुई हैं।

सरसों के भाव में भयंकर तेजी; जानिए आज के ताजा सरसों मंडी भाव

Comments are closed