Social Media Ban for Children: भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि अभी बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट बंद नहीं होंगे।
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि यह एक नीतिगत मामला है और इसे संसद के दायरे में छोड़ दिया जाना चाहिए।
याचिका में दावा किया गया था कि 9-17 साल के 17% बच्चे रोजाना 6 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया या गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बिताते हैं, जिससे उनमें मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
हालांकि, कोर्ट ने इसे कानून बनाने की प्रक्रिया का विषय मानते हुए याचिकाकर्ता को संसद का रुख करने की सलाह दी।
याचिका में बायोमेट्रिक आधारित आयु सत्यापन प्रणाली लागू करने की मांग की गई थी, ताकि बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच नियंत्रित की जा सके। लेकिन कोर्ट ने इस पर कोई फैसला नहीं दिया।
इस बीच, ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाकर एक मिसाल कायम की है, जिसे दुनिया भर में चर्चा मिल रही है।
भारत में अभी इस दिशा में कोई कानूनी कदम नहीं उठाया गया है, लेकिन माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों की डिजिटल स्क्रीन टाइम पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
क्या भारत सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस नीति लाएगी? यह भविष्य के गर्त में छिपा सवाल बना हुआ है।
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