Surya Grahan 2025 Kab Lagega In India Timing: 29 मार्च 2025, शनिवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह ग्रहण मीन राशि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में होगा, जिस दिन शनि अमावस्या भी पड़ रही है। अगले दिन 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि भी शुरू हो जाएंगी, इसलिए यह समय खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारतीय समय के अनुसार, यह ग्रहण दोपहर 2:21 बजे शुरू होगा और शाम 6:14 बजे तक रहेगा, यानी कुल 3 घंटे 53 मिनट तक चलेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। फिर भी, ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से इसका काफी महत्व है।
कहां-कहां दिखेगा यह सूर्य ग्रहण?
यह आंशिक सूर्य ग्रहण भारत में तो नहीं दिखेगा, लेकिन यह दक्षिण अमेरिका, उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों, उत्तरी एशिया, यूरोप, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका, आर्कटिक और अटलांटिक महासागर के ऊपर साफ देखा जा सकेगा। अगर आप इस खगोलीय घटना को लाइव देखना चाहते हैं, तो NASA की आधिकारिक वेबसाइट या यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इसकी हानिकारक किरणें आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। विशेष सोलर फिल्टर या टेलीस्कोप की मदद से ही इसे देखना सुरक्षित है।
Surya Grahan 2025 : भारत में नहीं दिखेगा, पर 12 राशियों पर पड़ेगा ये खास असर! जानें समय और प्रभाव
क्या भारत में सूतक काल लागू होगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देता है, तो उससे 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, पूजा-पाठ नहीं होती और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी होती है। लेकिन चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। फिर भी, कुछ ज्योतिषियों का मानना है कि ग्रहण का प्रभाव राशियों पर पड़ सकता है, खासकर मीन राशि वालों को सावधान रहने की सलाह दी जा रही है।
सूर्य ग्रहण का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
हिंदू पुराणों में सूर्य ग्रहण का गहरा महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला था, तब पहला सूर्य ग्रहण लगा था। रामायण में भी सूर्य ग्रहण का जिक्र है, जब भगवान राम ने खर-दूषण का वध किया था। महाभारत काल में भी कई महत्वपूर्ण घटनाएं सूर्य ग्रहण के समय हुई थीं, जैसे पांडवों का जुए में हारना और अर्जुन द्वारा जयद्रथ का वध। यहां तक कि भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका के डूबने के समय भी सूर्य ग्रहण लगा था। इसलिए, ज्योतिष में इसे एक शुभ-अशुभ घटना माना जाता है।
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
चूंकि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए सख्त नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन फिर भी, जो लोग आध्यात्मिक रूप से इसका महत्व मानते हैं, वे ग्रहण के समय मंत्र जाप, दान-पुण्य या भगवान सूर्य के मंत्रों का उच्चारण कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, जैसे कि घर के अंदर रहना और तेज धार वाली चीजों का उपयोग न करना।
तो यह था 29 मार्च 2025 के सूर्य ग्रहण से जुड़ा पूरा अपडेट! अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इसे शेयर जरूर करें और कमेंट में बताएं कि आप ग्रहण के दौरान क्या सावधानियां बरतते हैं। Meghdoot Agro के साथ जुड़े रहिए ऐसी ही रोचक खगोलीय और ज्योतिषीय जानकारियों के लिए!
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