लखनऊ: गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अगर आप गन्ने की बुवाई की योजना बना रहे हैं, तो भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई किस्म को.लख. 16202 को जरूर आजमाएं। यह किस्म गन्ने की खेती में न केवल बंपर उत्पादन देगी, बल्कि कम लागत और रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण किसानों को बेहतर मुनाफा दिलाएगी।
को.लख. 16202: नई किस्म की खासियत
गन्ने की इस नई किस्म को वैज्ञानिकों ने खासतौर पर भारतीय किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
गुणवत्ता | विवरण |
---|---|
मध्य मोटा और ठोस | इस किस्म का गन्ना मध्यम मोटाई और कड़ा होता है। |
सूखी पत्तियां | सूखी पत्तियां आसानी से गिर जाती हैं, जिससे कटाई सरल होती है। |
रोग प्रतिरोधक क्षमता | लाल सड़न और उकठा रोग के प्रति प्रतिरोधक। |
शीघ्र पकने वाली | जल्दी तैयार हो जाती है, जिससे फसल जल्दी काटी जा सकती है। |
बेहतर चीनी परता | नवंबर में कटाई पर 11.94% और जनवरी में 13.57% चीनी रिकवरी। |
उत्पादन क्षमता: किसानों के लिए मुनाफे की गारंटी
वैज्ञानिकों के मुताबिक, को.लख. 16202 किस्म से प्रति हेक्टेयर 920 क्विंटल तक गन्ने का उत्पादन संभव है। चीनी मिलों को इस किस्म से उच्च गुणवत्ता वाली चीनी प्राप्त होगी, जिससे किसानों और मिलों दोनों को लाभ होगा।
महीना | चीनी परता (%) |
---|---|
नवंबर | 11.94% |
जनवरी | 13.57% |
नई किस्म की पहचान कैसे करें?
इस किस्म की पहचान आसान है।
- गन्ना मध्य मोटा, ठोस और मध्यम कड़ा होता है।
- इसकी आंखें गोलाकार और चिपकी होती हैं।
- कुछ गन्नों में एक गांठ पर दो से तीन आंखें भी मिलती हैं।
- सूखी पत्तियां स्वत: गिर जाती हैं, जिससे कटाई सरल हो जाती है।
कम लागत में अधिक मुनाफा
गन्ने की नई किस्म शीघ्र पकने वाली है, जिससे किसान कम समय और लागत में उच्च उत्पादन ले सकते हैं। यह खासियत इसे अन्य किस्मों से अलग बनाती है।
- कृषि लागत: कम खाद और कीटनाशक की जरूरत।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: उकठा और लाल सड़न रोगों से बचाव।
- जल उपयोग: कम पानी में भी बेहतरीन परिणाम।
किसानों के लिए यह क्यों है फायदेमंद?
- उच्च उत्पादन: प्रति हेक्टेयर 920 क्विंटल तक फसल।
- बेहतर चीनी परता: चीनी मिलों को भी होगा फायदा।
- जल्दी तैयार: बाजार में समय पर बेचने का मौका।
- रोग प्रतिरोधक: नुकसान का खतरा कम।
वैज्ञानिकों की सलाह
भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के वैज्ञानिक किसानों को यह नई किस्म अपनाने की सलाह दे रहे हैं। यह किस्म फसल उत्पादन में स्थिरता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित करेगी।
कृषि विशेषज्ञों की राय
- फसल योजना: नवंबर और दिसंबर में बुवाई का सही समय।
- सिंचाई: प्रारंभिक चरण में उचित जल प्रबंधन आवश्यक।
- खाद का उपयोग: जैविक खाद और संतुलित पोषण का प्रयोग करें।
गन्ना किसानों के लिए उपयोगी सुझाव
- बुवाई का सही समय चुनें।
- पौध संरक्षण पर ध्यान दें।
- नई किस्मों का परीक्षण करें।
क्यों है यह खबर आपके लिए खास?
गन्ने की खेती में नई किस्म को.लख. 16202 न केवल किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है, बल्कि यह भारत की चीनी उत्पादन क्षमता को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
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