Toll Tax Rates Hike: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक बार फिर टोल टैक्स में बढ़ोतरी कर दी है। 1 अप्रैल 2025 से लागू हो रही इन नई दरों के तहत दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे समेत देशभर के टोल प्लाजा पर वाहनों के हिसाब से ₹5 से लेकर ₹65 तक की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर करनाल, पंचकूला और चंडीगढ़ से दिल्ली आने-जाने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ेगा। अब एक कार या जीप के लिए सिंगल टोल ₹195 (पहले ₹185) और रिटर्न जर्नी का टोल ₹290 (पहले ₹280) हो गया है। वहीं ट्रक और बस जैसे कमर्शियल वाहनों को अब सिंगल टोल ₹650 (पहले ₹630) और रिटर्न ₹980 (पहले ₹945) देना होगा।
किस वाहन पर कितना बढ़ा टोल?
NHAI की नई टोल रेट लिस्ट के मुताबिक, LCV (लाइट कमर्शियल व्हीकल) के लिए सिंगल टोल ₹310 (₹10 की बढ़ोतरी) और रिटर्न ₹465 (₹15 की बढ़ोतरी) हो गया है। 3 एक्सल वाले भारी वाहनों को अब ₹710 (पहले ₹685) सिंगल और ₹1070 (पहले ₹1030) रिटर्न टोल देना होगा। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी 7 एक्सल वाहनों के लिए हुई है, जिनका सिंगल टोल अब ₹1245 (₹40 की बढ़ोतरी) और रिटर्न ₹1870 (₹65 की बढ़ोतरी) हो गया है। यह बढ़ोतरी NHAI के नियमित संशोधन प्रक्रिया का हिस्सा बताई जा रही है, जो हर साल वाहनों की संख्या और रखरखाव लागत के आधार पर की जाती है।
यात्रियों में भड़का गुस्सा, कहा- “सरकारी लूट”
इस बढ़ोतरी पर आम यात्रियों से लेकर ट्रांसपोर्टर्स तक सभी नाराज हैं। करनाल की रहने वाली रीमा, जो रोजाना दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे का इस्तेमाल करती हैं, कहती हैं कि “पहले सिंगल टोल ₹90 था, फिर ₹185 हुआ और अब ₹195। यह बढ़ोतरी बिल्कुल अनुचित है।” वहीं ट्रक ड्राइवर मनेंद्र मलिक आक्रोश में कहते हैं, “सरकार ने लूट मचा रखी है। हमारा मुनाफा पहले ही कम हो रहा है, अब टोल बढ़ाकर हमें और मुश्किल में डाल दिया गया है।” स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इससे सामान की ढुलाई महंगी होगी, जिसका असर अंततः आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
क्यों बढ़ाए जाते हैं टोल टैक्स?
NHAI के अधिकारियों के मुताबिक, टोल टैक्स में बढ़ोतरी हाईवे के रखरखाव, नई सड़क परियोजनाओं और ऋण चुकाने के लिए की जाती है। उनका दावा है कि बेहतर सड़कों और सुविधाओं के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि NHAI को टोल बढ़ाने के बजाय अपनी कार्यक्षमता सुधारनी चाहिए। कुछ विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि सरकार को फ्री-फ्लो टोल संग्रह प्रणाली को और व्यापक बनाना चाहिए, जिससे यातायात जाम कम हो और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
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