नई दिल्ली: राजस्थान सरकार द्वारा भेजे गए पत्र का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री, भागीरथ चौधरी ने नैफेड (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन) को दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्री ने नैफेड के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल से फोन पर वार्ता की और राजस्थान में मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन जैसी फसलों की खरीद सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
राजस्थान सरकार की मांग: राजस्थान सरकार ने हाल ही में खरीफ 2024-25 के दलहन-तिलहन फसलों की MSP खरीद के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त समर्थन और संसाधन आवंटन की मांग की थी। यह कदम किसानों को उचित मूल्य दिलाने और उनकी उपज की खरीद सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था।
केंद्रीय मंत्री ने किया आश्वासन: केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने नैफेड अधिकारियों से कहा कि राजस्थान में अधिसूचित खरीद केंद्रों पर किसानों से उनकी फसलें बिना किसी बाधा के समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएं। मंत्री ने विशेष रूप से राजस्थान के मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन के खरीद लक्ष्य को समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ: चौधरी ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही समर्थन मूल्य योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बाजार में मूल्य अस्थिरता से बचाना है। उन्होंने राज्य सरकार के अनुरोध पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त अनुदान और संसाधन आवंटन के लिए भी सहमति दी।
नैफेड को दिए गए कड़े निर्देश: कृषि मंत्री ने नैफेड के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित की जाए। सभी किसानों को उनकी फसल का मूल्य तत्काल उनके खातों में स्थानांतरित किया जाए और खरीद केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता को सख्ती से रोका जाए।
इस कदम से राजस्थान के किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, और राज्य में दलहन-तिलहन की MSP पर खरीद में कोई रुकावट नहीं आएगी।
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