दिसंबर का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन देश के अधिकांश हिस्सों में ठंड का असर अब तक दिखाई नहीं दिया है। सामान्य से अधिक तापमान के चलते लोग ठंड के मौसम का आनंद उठाने के बजाय इसका इंतजार कर रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ठंड का असर इस बार काफी देरी से दिख रहा है।
दिसंबर का पहला हफ्ता बना रिकॉर्ड गर्म
पिछले एक दशक में ऐसा पहली बार हो रहा है कि दिसंबर के पहले हफ्ते का तापमान रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ा हुआ है। आमतौर पर दिसंबर के शुरुआती दिनों में न्यूनतम तापमान 10-15 डिग्री सेल्सियस तक होता है, लेकिन इस बार यह सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। इसकी वजह अक्तूबर और नवंबर में बारिश की कमी और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ मानी जा रही है।
कब शुरू होगी कड़ाके की ठंड?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ठंड 12 से 15 दिसंबर के बाद ही जोर पकड़ेगी। IMD का कहना है कि ठंड के लिए पश्चिमी विक्षोभ और बारिश का होना आवश्यक है, लेकिन इस साल पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित करने में असमर्थ रहे हैं।
देशभर में तापमान की स्थिति
देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान के आंकड़े निम्नानुसार हैं:
क्षेत्र | अधिकतम तापमान (℃) | न्यूनतम तापमान (℃) |
---|---|---|
दिल्ली | 24-27 | 10-13 |
पश्चिम मध्य प्रदेश | 26-28 | 7-9 |
पूर्वी उत्तर प्रदेश | 22-25 | 12-14 |
तटीय कर्नाटक | 34.6 | 22-25 |
उत्तर प्रदेश में मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बताया है कि 4 और 5 दिसंबर को पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में सुबह हल्की धुंध के साथ मौसम साफ रहेगा। इसके बाद प्रदेश में पछुआ हवाएं चलेंगी, जिससे तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।
तेज हवाओं का दौर शुरू होगा
48 घंटे बाद प्रदेश में तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि 7 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा, लेकिन इसके बाद ठंड धीरे-धीरे अपने प्रभाव में आएगी।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
- उत्तर-पश्चिम भारत: अगले 3-5 दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा।
- पूर्वी भारत: यहां भी तापमान स्थिर रहेगा।
- मध्य भारत: अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है।
- पश्चिम भारत: अगले तीन दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है।
क्या है इस देरी का कारण?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और बारिश की कमी ने ठंड के आगमन में देरी कर दी है। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन के प्रभाव भी लंबे समय तक तापमान में वृद्धि के कारक हो सकते हैं।
अंतिम निष्कर्ष
अगर आप ठंड का इंतजार कर रहे हैं, तो अभी थोड़ा और धैर्य रखें। मौसम विभाग के मुताबिक, 15 दिसंबर के बाद से ठंड का असली असर दिखाई देने लगेगा। ऐसे में गर्म कपड़े तैयार रखें और बदलते मौसम का आनंद लेने के लिए तैयार हो जाएं।
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