Shaheed Jawan Anugrah Rashi: हरियाणा में रहने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! राज्य सरकार ने हाल ही में दो बड़े फैसले लिए हैं जो न सिर्फ सम्मान की बात हैं बल्कि कई परिवारों के लिए आर्थिक राहत भी लेकर आएंगे। पहला फैसला है 1957 के हिंदी आंदोलन में हिस्सा लेने वाले मातृभाषा सत्याग्रहियों की हरियाणा पेंशन में बढ़ोतरी। अब इन सत्याग्रहियों को हर महीने 15,000 रुपये की जगह 20,000 रुपये मिलेंगे। दूसरी बड़ी खबर ये कि सेना और सीआरपीएफ के शहीद जवानों के परिवारों के लिए दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है। ये खबर 2 मार्च 2025 को ताजा अपडेट के साथ सामने आई है, और इसे लेकर लोगों में काफी चर्चा हो रही है।
मातृभाषा सत्याग्रहियों के लिए बढ़ा सम्मान
1957 का हिंदी आंदोलन हरियाणा के इतिहास का एक अहम हिस्सा रहा है। उस दौर में मातृभाषा के लिए लड़ने वाले सत्याग्रहियों ने अपनी आवाज बुलंद की थी, और अब सरकार ने उनके योगदान को और सम्मान देने का फैसला किया है। अभी तक 161 मातृभाषा सत्याग्रही या उनके जीवित पति/पत्नी को हर महीने 15,000 रुपये की पेंशन मिल रही थी। लेकिन अब इस राशि को बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दिया गया है। यानी हर सत्याग्रही को हर महीने 5,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
इस बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर हर साल 96.60 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अगर कुल बजट की बात करें तो अब मातृभाषा सत्याग्रहियों की पेंशन के लिए सालाना खर्च लगभग 3.86 करोड़ रुपये हो जाएगा। ये कदम न सिर्फ इन नायकों के प्रति सम्मान दिखाता है बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।
शहीद परिवारों को बड़ी राहत
अब बात करते हैं देश के लिए अपनी जान देने वाले शहीद जवानों के परिवारों की। हरियाणा सरकार ने सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शहीदों के परिवारों के लिए अनुग्रह राशि में जबरदस्त इजाफा किया है। पहले ये राशि 50 लाख रुपये थी, जिसे अब दोगुना करके 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है। ये फैसला उन परिवारों के लिए बड़ी राहत की बात है जो अपने प्रियजनों को खोने के बाद भावनात्मक और आर्थिक चुनौतियों से जूझते हैं।
हरियाणा सरकार का ये कदम शहीदों के प्रति सम्मान और उनके परिवारों के लिए संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस बढ़ोतरी से न सिर्फ परिवारों को फाइनेंशियल सपोर्ट मिलेगा बल्कि ये संदेश भी जाएगा कि देश अपने वीरों को कभी नहीं भूलता।
एक नजर में आंकड़े
यहां एक टेबल में दोनों बढ़ोतरी को समझते हैं:
विवरण | पहले | अब | अतिरिक्त बोझ (सालाना) |
---|---|---|---|
मातृभाषा सत्याग्रही पेंशन (मासिक) | 15,000 रुपये | 20,000 रुपये | 96.60 लाख रुपये |
शहीद जवान अनुग्रह राशि | 50 लाख रुपये | 1 करोड़ रुपये | – |
लोगों का क्या कहना है?
इन फैसलों के बाद हरियाणा में लोग सरकार की तारीफ कर रहे हैं। खासकर मातृभाषा सत्याग्रहियों के परिवारों में खुशी की लहर है। एक सत्याग्रही की बेटी ने कहा, “ये बढ़ोतरी हमारे लिए सम्मान की बात है। मेरे पिता ने हिंदी के लिए लड़ाई लड़ी थी, और आज सरकार ने उनकी मेहनत को याद किया।” वहीं, शहीद परिवारों में भी राहत की उम्मीद जगी है। एक शहीद की पत्नी ने भावुक होकर कहा, “1 करोड़ रुपये मेरे पति को वापस नहीं ला सकते, लेकिन इससे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित होगा।”
सरकार का मकसद क्या?
हरियाणा सरकार का कहना है कि ये फैसले समाज के उन लोगों को सपोर्ट करने के लिए हैं जिन्होंने राज्य और देश के लिए बड़ा योगदान दिया। हरियाणा पेंशन में ये बदलाव न सिर्फ आर्थिक मदद का जरिया हैं बल्कि एक सांकेतिक कदम भी हैं, जो इतिहास और वीरता को सम्मान देते हैं। साथ ही, ये कदम 2025 में सरकार की प्राथमिकताओं को भी दिखाते हैं, जहां सामाजिक कल्याण और सम्मान पर जोर दिया जा रहा है।
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